डौंडीलोहारा (बालोद)। शौर्यपथ । विकासखंड डौंडीलोहारा में अवैध लकड़ी कटाई का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में हरे-भरे जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्राम पंचायत भंवरमरा के आश्रित ग्राम माटरी, रायगढ़, कमकापार, मनचुआ, तूरमुडा, करतुटोला, टेकापार सहित आसपास के दर्जनों गांवों में लगातार पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि लकड़ी तस्कर दिन-रात सक्रिय हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पूरे मामले में वन विभाग और राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि या तो विभाग निष्क्रिय है या फिर मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
अवैध कटाई का असर अब साफ तौर पर पर्यावरण पर दिखने लगा है। क्षेत्र में तापमान 44 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इसके अलावा भूजल स्तर में गिरावट, वन्यजीवों का पलायन और वर्षा के पैटर्न में बदलाव जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले वर्षों में सूखा, जल संकट और भीषण गर्मी जैसी समस्याएं और विकराल रूप ले सकती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में वन संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि बचे हुए जंगलों को सुरक्षित रखा जा सके।