सक्ती/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सक्ती स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटना की भयावहता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इस मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वेदांता प्लांट में यह पहली दुर्घटना नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले कोरबा स्थित प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान भी एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें लगभग 40 लोगों की मौत हो गई थी।
⚠️ “जांच हो, दोषियों पर FIR दर्ज हो”
भूपेश बघेल ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
? दर्दनाक हादसा, उठे सुरक्षा पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लगातार सामने आना गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
✍️ निष्कर्ष:
सक्ती वेदांता प्लांट में हुआ यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही पर बहस को तेज कर गया है। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।