दैनिक शौर्यपथ महासमुंद ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुंद - गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत करने वाले भोंरिग निवासी दादा नकुल देव ढीढी मंत्री जी की 112 वीं जयंती प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी के पदाधिकारियों ने गुरु घासीदास वार्ड के सांस्कृतिक भवन में प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे के मुख्य अतिथि व एस आर बंजारे की अध्यक्षता तथा सहसचिव दिनेश बंजारे, नुतन कुर्रे व जिला ब्लॉक अठगंवा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया।इस मौके पर उपस्थित प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने कहा कि दादाजी ने गुरु घासीदास जयंती की शुरुआत कर समाज को संगठित करने का बड़ा माध्यम दिया।वे तन-मन धन सब कुछ लगाकर जुनुनी तौर पर दिन रात पैदल गांव-गांव घुमकर गुरु घासीदास बाबा व डॉ भीमराव अम्बेडकर साहब के संदेशों का प्रचार प्रसार कर समाज को जागृत किया। जिसके बदौलत आज समाज में बड़ी बदलाव आया है।दादाजी ने सामाजिक विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया।जिसके कारण पुरे छत्तीसगढ़ में आज उन्हे याद किया जा रहा है। नहीं तो उस दौर में बड़े राजनीतिक दल के विधायक मंत्री बन गये होते।दिनेश बंजारे ने स्मरण करते हुए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज द्वारा दादा नकुल देव ढीढी जी के कार्यों का अनुकरण करने की बात कहा। संगठन शिक्षा रोजगार के लिए काम कर रही है। दादा जी उस दौर में समाज के गरीब बच्चों को अपने खर्च पर पढ़ाया आज हमारा संगठन पे बेक सोसायटी के माध्यम से जरुरत मंद बच्चों की मदद कर रही है तथा उनके सपना के अनुरूप अठगंवा कमेटी के द्वारा सामाजिक नरनियाव भी बिना दंडबोडी के संवैधानिक रूप से निपटारा कर रहे हैं।
एस आर बंजारे ने समाज में आ रही कुरितीयो को दुर करने सामाजिक पदाधिकारियों को पहल करने की अपील की। श्रीमती नुतन कुर्रे ने कहा संविधान लागू होने के बाद भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए नाई धोबी पौनी पसारी नहीं दिया गया था जिसके लिए दादा जी ने संघर्ष किया और वे खुद आजीवन अपने बाल को बढ़ाए रखा।
उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने समाज में दादा नकुल देव ढीढी जी के विचारों पर चलने व संगठित करने का संकल्प लिया।इस मौके पर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, उपाध्यक्ष खोशिल गेंड्रे, सचिव रेखराज बघेल, कोषाध्यक्ष घनश्याम जांगड़े साहित्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के सोनटके, पवन कुर्रे,महासमुंद ब्लॉक सचिव गणेश टंडन,किशुन पाटले, शिक्षा प्रकोष्ठ से फनेंद्र बंजारे, महेंद्र बंजारे, राधेश्याम परमार, राधेश्याम निराला, नंदकुमार भारतद्वाज, अठगंवा परिक्षेत्र से संतोष जांगड़े खल्लारी, गोवर्धन बांधे, राकेश जांगड़े बेलसोंडा, राजेश मारकंडेय,बलौदा बाजार से सहदेव जोशी,बल्लर कुर्रे, रमेश बंजारे ,दुलेश भारती रायपुर,लालदास गायकवाड़ पोखरा गरियाबंद, उड़ीसा से लल्लू चेलक व समाज के लोग उपस्थित रहे।