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गांवों में दिखने लगा योजनाओं का असर, नक्सल क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  • rounak group

महिलाओं, समूहों और युवाओं को बनाया जा रहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

सड़क, आवास, जल संरक्षण और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश

रायपुर, 31 जुलाई 2025।
राज्य सरकार अब सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव की बुनियाद रख रही है। मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने यह स्पष्ट किया कि "गांव सिर्फ आंकड़ों में नहीं, जीवन स्तर में भी बदलाव महसूस करें।"

महिला समूहों के उत्पाद सीधे बाज़ार से जुड़ेंगे

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं और मेहनतकश वर्ग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें स्व-सहायता समूहों के ज़रिए खेती, जैविक उत्पादन, मशरूम पालन और वनोपज प्रसंस्करण में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
? इन उत्पादों को ऑनलाइन व ऑफलाइन बाजारों तक पहुँचाने के लिए प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय महिला उद्यमियों को आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा।

पूर्व नक्सलियों को भी मिलेगा जीवन पुनर्निर्माण का अवसर

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी आजीविका समूहों से जोड़ा जाए और उन्हें आयमूलक कार्यों में शामिल किया जाए
उन्होंने जानकारी दी कि आईआईटी भिलाई और अन्य तकनीकी संस्थानों के सहयोग से महुआ, साल बीज, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे वनोपजों के प्रसंस्करण और विपणन की इकाइयाँ प्रत्येक जिले में स्थापित की जाएंगी।

सड़क निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त रवैया

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि
?️ “निर्माण कार्यों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाए।”
विशेषत: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

जल संरचनाओं ने बढ़ाया गांवों का आत्मविश्वास

‘मोरे गांव, मोरे पानी’ महाभियान के अंतर्गत अब तक 37,090 जल संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं।
? इसमें तालाब गहराईकरण, डबरी, चेक डैम, रिचार्ज शाफ्ट और परकोलेशन टैंक शामिल हैं।
जनभागीदारी से 3.32 लाख से अधिक जल-कार्य पूर्ण हुए हैं, जो राज्य की जल आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना में नई रफ्तार

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि
? “हर पात्र व्यक्ति को गरिमामय आवास देना सरकार की प्राथमिकता है। सभी स्वीकृत आवासों का समयबद्ध और पारदर्शी निर्माण सुनिश्चित किया जाए।”

वर्तमान में 33,000 से अधिक आवासों की स्वीकृति हो चुकी है, जिनमें से 10,500 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
साथ ही, जिन जिलों में प्रगति धीमी है, वहाँ राज्य स्तर से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।


? बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी:

प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संयुक्त सचिव धर्मेश कुमार साहू, पंचायत संचालक प्रियंका महोबिया सहित विभागीय अधिकारी।

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