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आईआईटी बॉम्बे में ‘भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट’ का शुभारंभ — 3,000 आवेदनों में से चुने गए 137 स्टार्टअप, वैश्विक मंच के लिए भारत की तैयारी ?

  • rounak group

मुंबई ।
भारत के उभरते तकनीकी नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट का उद्घाटन मुंबई स्थित आईआईटी बॉम्बे परिसर के एस्पायर–आईआईटी बॉम्बे रिसर्च पार्क फाउंडेशन में किया गया। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन देश के सर्वश्रेष्ठ डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की तैयारी का अहम चरण माना जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, आईआईटी बॉम्बे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन तथा आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

3,000 आवेदनों में से 137 स्टार्टअप्स का चयन

देशभर से प्राप्त 3,000 से अधिक स्टार्टअप आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 13 प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में 137 उत्कृष्ट डीप-टेक स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें एडवांस्ड कंप्यूटिंग, हेल्थकेयर एवं मेडटेक, स्पेस एवं डिफेंस, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटीज, एग्री-फूड टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उद्घाटन के बाद 70 से अधिक स्टार्टअप्स ने पिच सत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत किए, वहीं निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने रिवर्स पिच के माध्यम से तकनीकी आवश्यकताओं और निवेश प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम

अपने संबोधन में प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहां लगभग 2 लाख स्टार्टअप और करीब 125 यूनिकॉर्न कंपनियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि डीप-टेक क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 में 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) कोष को मंजूरी दी है, जिससे निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक वित्तीय सहयोग मिलेगा।

वैश्विक मंच पर भारत की तैयारी

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने के लिए डीप-टेक नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और स्टार्टअप्स की भूमिका को देश के भविष्य के लिए निर्णायक बताया।

उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि भारत इनोवेट्स 2026 एक “पूरे सरकार का प्रयास” है, जो शिक्षा, विज्ञान, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाता है। उन्होंने निवेशकों से महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों के स्टार्टअप्स को भी पहचानने का आह्वान किया।

फ्रांस में होगा वैश्विक समापन

यह प्री-समिट भारत इनोवेट्स 2026 अभियान का प्रारंभिक चरण है, जिसका भव्य समापन जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में आयोजित वैश्विक नवाचार प्रस्तुतीकरण के साथ होगा। यह आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का हिस्सा है।

22 मार्च को ग्रैंड फिनाले

कार्यक्रम का दूसरा दिन 22 मार्च 2026 को आयोजित होगा, जिसमें अतिरिक्त स्टार्टअप पिच सत्र, नीति चर्चा, निवेशक सहभागिता तथा ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसमें सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा।

निष्कर्ष:
‘भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट’ भारत के नवाचार इकोसिस्टम को नई गति देने के साथ देश के स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह आयोजन भारत को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक सशक्त कदम माना जा रहा है।

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