बिहार में सत्ता बदलाव के संकेत तेज! हृष्ठ्र की बंपर जीत के बाद किसके हाथ जाएगा ताज? शपथ से पहले सियासी सरगर्मी चरम
पटना / शौर्यपथ /
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। दो चरणों की मतदान प्रक्रिया और शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो गई है— हृष्ठ्र ने 202 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है , जिसमें 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। महागठबंधन मात्र 34 सीटों पर सिमट गया।
हालाँकि हृष्ठ्र ने अभी तक औपचारिक रूप से सरकार गठन का दावा नहीं पेश किया है, लेकिन अंदरखाने मंथन जारी है। इसी बीच तेज प्रताप यादव की नई राजनीतिक सक्रियता ने समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है।
तेज प्रताप के 'समर्थन संकेतÓ से बढ़ी हलचल -सरकार में आएंगे साथ?
तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल की बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता प्रेम कुमार यादव ने बड़ा बयान दिया— बिहार के विकास के लिए जो भी उचित होगा, तेज प्रताप उसे करेंगेज् सरकार में सकारात्मक भूमिका निभाने को तैयार हैं। इसे राजनीतिक गलियारों में हृष्ठ्र सरकार को बाहरी या अंदरूनी समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तेज प्रताप ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य को पार्टी में मुख्य संरक्षक बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा—"हम उनके चरणों में गिरकर भी उन्हें पार्टी में लाएँगे, क्योंकि जनशक्ति जनता दल ही असली लालू प्रसाद यादव की पार्टी है।"
नीतीश कुमार सरकार आज देगी इस्तीफा; कल होगी कार्यवाहक व्यवस्था की शुरुआत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 नवंबर को अंतिम कैबिनेट बैठक बुलाई है, जिसमें विधानसभा भंग करने की अनुशंसा , नई विधानसभा के गठन , पर मुहर लगेगी। उसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे, और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। नई सरकार के गठन तक नीतीश कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
19 या 20 नवंबर को नए मुख्यमंत्री का शपथ समारोह, क्करू मोदी हो सकते हैं शामिल
गांधी मैदान में भव्य समारोह की तैयारी शुरू हो चुकी है।17 से 20 नवंबर गांधी मैदान आम लोगों के लिए बंद , 19 या 20 नवंबर शपथ ग्रहण की संभावित तारीख बताई जा रही है शपथ ग्रहण में क्करू मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री हो सकते हैं शामिल
सरकार गठन फ ॉर्मूला तय-6 विधायकों पर 1 मंत्री!
बीजेपी-जेडीयू के बीच पहला दौर की बातचीत पूरी जिसमे मंत्रियों की संख्या और हिस्सेदारी पर सहमति बनाने की बात कही जा रही है सूत्रों के अनुसार 6 विधायकों पर 1 मंत्री का फार्मूला लागू किया जाएगा।इससे साफ है कि नई सरकार में चेहरों की संख्या सीमित और चयन बेहद रणनीतिक होगा।
हृष्ठ्र की जीत पर मुकेश सहनी का कटाक्ष - पैसे के दम पर जीते!
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने हार को स्वीकारते हुए भी एनडीए पर तीखा हमला बोला—महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीदा गयाज् लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने लालू परिवार की कलह को "पारिवारिक मामला" बताते हुए दोषारोपण की राजनीति को गलत ठहराया।
रोहिणी आचार्य का भावनात्मक विस्फोट— "पिता को बचाने के लिए दी गई किडनी को गंदा बताया जा रहा"
लालू यादव की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट किया—"मेरे पति या बच्चों से अनुमति न लेकर पिता को बचाया, पर आज उसी बलिदान को गंदा कहा जा रहाज् किसी घर में 'रोहिणीÓ जैसी बेटी न हो।"उनके इस पोस्ट ने परिवार की अंदरूनी खटास को और उजागर कर दिया है।
मुख्यमंत्री आवास पर बैठकें तेज - बीजेपी अध्यक्ष, डिप्टी सीएम समेत जेडीयू के कई नेता पहुंचे लगातार सीएम हाउस में बैठकें कर रहे हैं। हृष्ठ्र विधायक दल की बैठक में नए नेता का चयन भी संभव है।
बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा?
शपथ ग्रहण की तारीख तय है, स्थल तैयार है, मैदान बंद है। अब बस सवाल एक— हृष्ठ्र का मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, मगर नीतीश की भूमिका भी निर्णायक बनी हुई है। तेज प्रताप की सक्रियता ने राजनीतिक समीकरण और रोचक बना दिए हैं।अगले 48 घंटे बिहार की राजनीति की दिशा तय करेंगे।