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कुलेश्वर साहू जैसे दल बदलूओ की जीत ने कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी के सक्रीय कार्यकर्ताओ को किया निराश ... Featured

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दुर्ग । शौर्यपथ । भारतीय जनता पार्टी आज दुर्ग शहर ही नहीं प्रदेश एवं देश में एक ब्रांड के नाम से जाना जाता है भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की जीत उनकी निजी जीत न होकर मजबूत संगठन और उन सक्रिय कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है जिन्होंने सालों संगठन को मजबूत करने में अपना पूरा योगदान दिया ऐसे में निगम चुनाव हो या फिर विधानसभा या लोकसभा भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी होना ही जीत की ओर एक कदम आगे बढ़ा देता है परंतु वर्तमान समय में दुर्ग नगर निगम में कुछ ऐसे पार्षद भी निर्वाचित हो गए हैं जो ना ही संगठन में अपनी कोई अहम भूमिका निभाई और ना ही भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रहे परंतु मौका परस्ती और दल बदलू की राजनीति के कारण इनके भाग्य का सितारा भी बुलंदी की ओर पहुंच गया .ऐसे ही एक प्रत्याशी दुर्ग नगर निगम में निर्वाचित होकर आज वार्ड का जनप्रतिनिधित्व करेगा जो पूर्व में हुए निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर आए और कांग्रेस सरकार में शामिल होकर कांग्रेसी पार्षद की भूमिका निभाते रहे .वही जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई तो एक बार फिर अपनी दल बदलू नीति के तहत भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और साल भर में ही उन सक्रीय कार्यकर्ताओं के सपने को रौंद कर फिर से भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले निगम चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने लगे . परंतु कहा जाता है भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशी होना ही जीत की ओर तेजी से कदम बढ़ाने के बराबर होता है ऐसे में वार्ड नंबर 35 से कुलेश्वर साहू अपने दल बदलू नीति के बाद एक बार फिर नगर निगम में वार्ड नंबर 35 का जनप्रतिनिधित्व करेंगे .चुनावी सीजन में वार्ड की जनता से चर्चा के दौरान कुलेश्वर साहू के बारे में कुछ बातों का खुलासा किया जो आज के लोकतंत्र में आम जनता को सोचने पर मजबूर करता है चर्चा के दौरान वार्ड के कुछ युवाओं ने कहा कि कुलेश्वर साहू सिर्फ चखना सेंटर चलाने और इससे होने वाली कमाई के लिए ही चुनावी मैदान में उतरते हैं वार्ड में विकास कार्य के नाम पर शून्य की स्थिति है कांग्रेस सरकार में शामिल होकर साहू चखना सेंटर चलाते रहे और फिर सरकार बदलने के बाद एक बार फिर अपना रंग दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर अपने व्यापार की रक्षा के लिए प्रयत्नशील रहे . वार्ड की जनता के अनुसार नयापारा  शराब भट्टी के समीप आज भी पार्षद कुलेश्वर साहू का दुकान है जहां शराबियो की ज़रूरत के सामान मिल जाती है प्रशासन ऐसे कार्यों में कितना सख्त है यह तो साफ नजर आ रहा है परंतु निर्दलीय से कांग्रेसी और कांग्रेसी से भाजपाई 5 साल में लगातार पार्टी बदलने की प्रक्रिया कहीं ना कहीं लोकतंत्र पर विश्वास रखने वालों के लिए एक गहरा आघात है इस वार्ड के कई भाजपा कार्यकर्ता भी जो सालों से चुनावी जंग में उतरने का सपना देख रहे थे कहीं ना कहीं उनके साथ भी अन्याय हुआ परंतु मजबूत संगठन और उनके फैसले के आगे बेबस और एक बार फिर दल बदलू का तमगा लिए कुलेश्वर साहू वार्ड नंबर 35 से पार्षद बन जश्न मना रहे हैं और लोकतंत्र को खुलेआम आइना दिखा रहे हैं .
लेख : वार्ड वासी से चर्चा के आधार पर

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