शौर्यपथ विशेष / बिहार में विधान सभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही नौकरियों का अम्बार लग गया तो कही शराबबंदी हटाने के वादे किये जा रहे तो कही दल बदलुओ को सबक सिखाने की बात हो रही है जिस के मन में जो आये वादे पर वादे किये जा रहा है . खैर चुनावी वादों का पिटारा कितना भरा होता है और कितना खाली अब आम जनता भी समझने लगी है और सोंचने पर विवश भी हो रही है . बिहार के चुनाव में तेजस्वनी यादव 10 लाख की नौकरी देने का वादा कर रहे है किन्तु इन नौकरी के वादे में करोडो का भुगतान कैसे होगा इसका कोई जवाब नहीं दे पा रहे है वही भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष देश में लगभग 300 आतंकी के प्रवेश की आशंका जता कर भाजपा को जिताने की अपील कर रहे है अब अचानक ये आतंकी कहा से आगये इसका जवाब भाजपा राष्ट्रिय अध्यक्ष ही दे सकते है .
बिहार विधानसभा चुनाव में हो रही रैली को देख कर ऐसा नहीं लगता कि ये वही भारत है जहां अभी कोरोना के मरीज सबसे ज्यादा पाए जा रहे है और लगातार संख्या में बढ़ोतरी हो रही है . सोशल डिस्टेंस का ज्ञान देने वाले नेता सिर्फ टीवी में ही ज्ञान दे रहे है उन्हें पुरे देश में इसका पालन करवाने की अपील की जा रही है किन्तु बिहार और मध्यप्रदेश के उपचुनाव में ये सोशल डिस्टेंस सिर्फ किवदंती बनकर रह गयी है . खैर ये चुनावी वादे है राजनैतिक पार्टी कितना सिद्धांत पर चलती है और कितने वादे पुरे करती है ये भविष्य की गर्त में है क्योकि यहाँ यह भी देखा गया है कि सत्ता के लिए सारे सिद्धांत ताक पर रख दिए जाते है एक दुसरे पर आरोप की छड़ी लगाने वाले नेता सत्ता के लालच में देशभक्त और देशद्रोही की श्रेणी में एक दुसरे को तौलने और पाला बदलने से भी नहीं चुकते ये चलता रहा है और भविष्य में भी चलता रहेगा .
किन्तु इन वादों के बीच देश की वित्त मंत्री ने जो ब्यान दिया उससे देश की जनता को काफी आहात हुई है . बिहार चुनाव के देश की वित्त मंत्री ने अपने चुनावी वादे में कोरोना आपदा की तकलीफ को भी भुनाने में देर नहीं की कुछ समय पहले यही वित्त मंत्री जी ने प्याज की बढ़ती कीमत पर कहा था कि प्याज की कीमत बढऩे पर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योकि हम प्याज नहीं खाते तब भी उनके इस तरह के ब्यान की काफी आलोचना हुई थी अब एक बार फिर वित्त मंत्री ने भारत के आम जनता के जिन्दगी में तूफ़ान मचने वाले कोरोना बिमारी पर एक ब्यान दे दिया वित्त मंत्री ने कहा कि अगर बिहार में भाजपा की जीत होगी तो बिहार की जनता को मुफ्त में कोरोना वेक्सिन दी जाएगी . वित्त मंत्री जी क्या भारत के सभी नागरिक और बिहार के नागरिक एक ही देश के निवासी नहीं है फिर ये कैसा सत्ता का नशा और कैसी सत्ता की ताकत आप वित्त मंत्री है जनता के द्वारा चुनी जनप्रतिनिधि है देश के लोकतंत्र में एक बड़े पद में विराजमान है आपने पद ग्रहण करते समय कसम खाई थी कि बिना भेदभाव के देश की सेवा करुँगी कहा गयी अब वो कसम .क्या आम जनो की जान की कीमत लगाना सही है . सिर्फ भारत ही नहीं पूरा विश्व कोरोना वेक्सिन का इंतज़ार कर रहा है और आप है कि सत्ता में जीत के बदले वेक्सिन की कीमत भी तय कर दी कि मुफ्त लगेगा या पैसे से लगाया जायेगा खैर आपकी गलती भी नहीं है भारत की विशाल जनसँख्या में अभी भी ऐसे कई लोग है जो आपके इस फैसले को देशभक्ति के रूप में प्रचारित करेंगे चलिए आपकी बात सही हो और बिहार में आपकी सत्ता आ जाये फिर कम से कम एक प्रदेश में तो मुफ्त में वेक्सिन लगवा दीजियेगा बस ये बता दीजिये कि वेक्सिन कब आएगी , क्या अच्छे दिन जैसे इंतज़ार करना पड़ेगा , क्या जिस तरह सालाना 2 करोड़ नौकरी के वादा पूरा होने का इंतज़ार कर रहे उस तरह इन्तजार करना पड़ेगा या सिर्फ जुमलेबाजी है जो भी हो एक बार तो सच बोल दीजिये कि हमारी जिन्दगी बचेगी कि नहीं हम भी उस देश के निवासी है जिस देश में आप वित्त मन्त्री है ...( शरद पंसारी की कलम से )