खेल /शौर्यपथ / जॉनी बेयरस्टो स्टंपिंग विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दरअसल, विश्व क्रिकेट ने जॉनी बेयरस्टो के स्टंपिंग को खेल भावना के खिलाफ बताया है. खासकर इंग्लैंड के पूर्व दिग्गजों ने इस घटना को क्रिकेट के लिए गलत बताया है. वहीं, भारत के ऑफ स्पिनर अश्विन ने जॉनी बेयरस्टो स्टंपिंग विवाद को लेकर अपने यू-ट्यूब पर एक खास बयान दिया है जो चर्चा का विषय बन पड़ा है. अश्विन ने खेल भावना को लेकर ऑस्ट्रेलिया टीम का मजाक बनाने वाले पूर्व क्रिकेटरों को फटकार लगाई है. अश्विन ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, "जब भी नॉन-स्ट्राइकर एंड में रन-आउट होता है या कैरी-बेयरस्टो घटना होती है, तो एक नया नाम आता है 'स्पिरिट ऑफ क्रिकेट' - लेकिन आप (एलेक्स) कैरी के लिए महसूस नहीं करते जो स्टंप्स से 20 मीटर दूर थे. उन्होंने योजना बनाकर स्टंप्स को हिट करने की कोशिश की और आप कहते हैं 'स्पिरिट ऑफ क्रिकेट', मुझे यह समझ नहीं आया.''
अश्विन ने आगे अपनी बात बढ़ाते हुए कहा, "बेयरस्टो को आउट करने के संबंध में एक बहस यह है कि चूंकि यह ओवर की आखिरी गेंद थी, ऐसा लगता है कि उन्होंने उस गेंद को छोड़ दिया और बातचीत करने के लिए नॉन-स्ट्राइकर एंड पर आ गए, रीप्ले पर फिर से नजर डालें.. एलेक्स कैरी ने थ्रो करने में तनिक भी देरी नहीं की थी. उन्हें पता था कि बेयरस्टो क्रीज छोड़ चुके हैं और इसीलिए उन्होंने तुरंत स्टंप्स पर थ्रो किया.. बेयरस्टो ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा और अपने क्रीज को छोड़ दिया".
इस घटना पर अश्विन ने कैरी का समर्थन किया और कहा कि, "यह सबसे बुनियादी चीज है, गेंद का अनुसरण करें और फिर क्रीज छोड़ दें.. अब भी रणजी ट्रॉफी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, बल्लेबाज हमेशा कीपर और स्लिप फील्डर को देखेगा, उनकी अनुमति मांगेगा और उसके बाद ही क्रीज छोड़ेगा. खेल के नियमों के तहत इसकी अनुमति बल्लेबाज को क्रीज छोड़ने से पहले लेनी होती है. मुझे नहीं लगता कि कैरी ने जो किया उसमें कुछ भी गलत है.."
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा टेस्ट मैच 43 रन से जीत लिया और सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है. पहला टेस्ट मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने ही जीता था.