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अपनी ही धरती पर टेस्ट जीतने के लिए तरस रहा इंग्लैंड, न्यूजीलैंड के बाद अब टीम इंडिया बजा रही है रूट एंड कंपनी की बैंड

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खेल / शौर्यपथ / टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की गिनती दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में की जाती है। इंग्लिश कंडिशंस में कितनी भी मजबूत टीम क्यों ना हो सब इंग्लैंड के सामने घुटने टेकने पर मजबूर हो जाती हैं। इंग्लैंड का पेस अटैक अपनी सरजमीं पर बड़े से बड़े बल्लेबाजों की नाक में दम करके रखता है। लेकिन, पिछले कुछ समय में जो रूट की अगुवाई में टीम अपनी ही धरती पर जीत के लिए तरस रही है। न्यूजीलैंड के हाथों हार झेलने के बाद अब अंग्रेजों की टोली पर विराट कोहली की सेना भी भारी पड़ रही है। इंग्लैंड को होम कंडिशंस में पिछले छह टेस्ट मैचों में जीत नसीब नहीं हुई और इस दौरान टीम ने दो दफा हार का सामना भी किया है।
इंग्लैंड ने अपनी धरती पर आखिरी टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ साल 2020 में जीता था। यह सीरीज का पहला मुकाबला था और इसके बाद के दोनों ही टेस्ट मैच पाकिस्तान की टीम ड्रॉ करवाने में सफल रही थी। पाकिस्तान के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने इंग्लिश टीम को धूल चटाते हुए टेस्ट सीरीज को 1-0 से अपने नाम किया था, जबकि दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था। कीवी टीम के हाथों सीरीज गंवाने के बाद भारत के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भी इंग्लैंड की हालत खस्ता है। ट्रेंट ब्रिज में बारिश ने अंग्रेजों की लाज बचाई, लेकिन लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टीम को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। यानी इंग्लिश कंडिशंस में जो रूट की टीम ने पिछले 6 टेस्ट मैचों से जीत का मुंह नहीं देखा है। इसका असर आने वाले मैचों में टीम के प्रदर्शन पर जरूर पड़ सकता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच 25 अगस्त से हेडिंग्ले लीड्स में खेला जाना है। इससे पहले दूसरे टेस्ट मैच में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की यादगार साझेदारी के दम पर टीम इंडिया ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 151 रनों से रौंदा था। वहीं, सीरीज का पहला मैच बारिश के चलते ड्रॉ रहा था। भारत ने इंग्लैंड में आखिरी बार टेस्ट सीरीज 2007 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में जीती थी। सीरीज में 1-0 की बढ़त ले चुकी भारतीय टीम के पास 14 साल बाद इंग्लिश टीम को उनके घर में पटखनी देने का यह सबसे शानदार मौका है।

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