रायपुर। शौर्यपथ । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा है कि राज्य में अब सत्ता परिवर्तन तय है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के शुरुआती रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि जनता बदलाव चाहती है और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की विदाई निकट है।
अरुण साव ने भरोसा जताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली पसंद बनकर उभरेगी और “कमल खिलने” के साथ राज्य को सुशासन, सुरक्षा और विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर देना भाजपा की प्राथमिकता होगी।
? कांग्रेस पर तीखा प्रहार — “ओबीसी के मुद्दे पर दोहरा चेहरा”
उप मुख्यमंत्री साव ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी का ओबीसी वर्ग के प्रति रवैया हमेशा से दोहरा रहा है।
उनके अनुसार, जब कांग्रेस सत्ता में थी तब उसने अन्य पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा की, लेकिन अब सत्ता से बाहर होने के बाद वह ओबीसी हितैषी बनने का दिखावा कर रही है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश बघेल सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में भी ओबीसी वर्ग के साथ न्याय नहीं हुआ।
? इतिहास का हवाला, कांग्रेस पर सवाल
नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद काका कालेकर आयोग की रिपोर्ट को दबाकर रखा और मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने में भी गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वी.पी. सिंह की सरकार ने मंडल आयोग लागू किया, जबकि उस समय राजीव गांधी ने इसका विरोध किया था।
? राजनीतिक संदेश स्पष्ट
अरुण साव ने कहा कि देश और प्रदेश का ओबीसी वर्ग अब कांग्रेस के “राजनीतिक दिखावे” को समझ चुका है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।
? निष्कर्ष:
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा का आत्मविश्वास चरम पर है। अब सबकी नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या वास्तव में “बदलाव की बयार” सत्ता परिवर्तन में बदलती है या नहीं।