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आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी निंदनीय, भाजपा सरकार की तानाशाही का प्रतीक: धनंजय सिंह ठाकुर

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भाजपा सरकार आलोचना से डरी, जनहित के सवाल उठाने वाली इंफ्लुएंसर को तत्काल रिहा करे

रायपुर । शौर्यपथ
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और सरकार में बैठे लोगों में आलोचना सुनने का साहस नहीं बचा है। आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। जनता के हित में सवाल उठाने वालों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कर चुप कराने की कोशिश हो रही है। आकांक्षा टोप्पो लगातार खराब सड़क, लचर स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने स्थानीय विधायक लक्ष्मी राजवाड़े रामकुमार टोप्पो की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए थे। अगर कोई परिवार वर्षों से एक स्थान पर रह रहा है, जिसमें चार सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें खदेड़ा जाए और परिवार दुखी होकर सरकार से इच्छामृत्यु मांगे—ये सरकार के लिए शर्म की बात है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंत्री राजवाड़े द्वारा ड्राइवर को दिल्ली में छोड़कर आने की घटना को गलत ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो दिव्यांगों का घर न बचा पाएं, उनकी व्यथा न सुनें तो किस बात के जनप्रतिनिधि? क्या जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए? आकांक्षा टोप्पो ने नए शराब दुकान खुलने, आरआईटी में शिक्षकों की कमी व लैब बंद होने, मंत्री राजवाड़े के क्षेत्र में बिजली न होने जैसी समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की थी। सरकार को सवालों से डर किस बात का? क्योंकि ये सरकार जनता की अपेक्षाओं को दो साल में पूरा नहीं कर पाई, इसलिए फर्जी कार्रवाई कर आक्रोशित जनता की आवाज दबाना चाहती है। सरकार की तानाशाही से न विपक्ष डरेगा, न जनता—सवाल तो पूछे जाएंगे।

ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। ये सिर्फ विज्ञापन की सरकार है। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर रोज आंदोलन हो रहे हैं, आदिवासी वर्ग प्रताड़ित हो रहा है। शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं—सभी आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी ये सरकार किसके लिए काम कर रही? लोगों के सामने जल, जंगल, जमीन बचाना चुनौती बन गया है। ऐसे में युवा वर्ग जब जनता की आवाज बन रहा है, तो उसे डराया जा रहा है।

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