Print this page

नड्डा के बयान से भाजपा के माथे से झीरम का कलंक नहीं मिटेगा - दीपक बैज

  • Ad Content 1

        रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जेपी नड्डा ने राजनीतिक बयानबाजी के लिए सारी मर्यादा को तार-तार किया है। जेपी नड्डा के बयान से भाजपा के माथे से झीरम का कलंक नहीं मिटेगा। कांग्रेस ने झीरम हमले में अपने नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है और उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। भाजपा केंद्र में पिछले बारह साल से सरकार में है। एनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछताछ क्यों नहीं किया? क्यों एनआईए ने आज तक झीरम हमले के दोषियों तक नहीं पहुंच पायी? जेपी नड्डा इस प्रकार का बयान दे रहे है, उनके पास तथ्यात्मक आधार क्या है, एनआईए उनसे पूछताछ करनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी। रमन सिंह से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 32 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता जीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें करते रहे उसमें साफ है झीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध थी। भाजपा के तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक झीरम की जांच रोकने पीआईएल क्यों लगाया था?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि झीरम घाटी कांड एक ऐसा कांड था जिसने कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दान्त और हृदय विदारक घटना भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी इसके गुनाहगारों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड़यंत्र करती रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज भी छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को घोर नक्सल इलाके में ही क्यों हटाया गया था? झीरम नरसंहार भाजपा के लिए उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा की गई चूक मात्र हो सकती है तथा उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया एक षड्यंत्र मात्र हो सकता है। कांग्रेस के लिए झीरम वह घाव है जो कभी नहीं भर सकता। यह घटना देश के लोकतंत्र के माथे पर लगा वह कलंक है जो कभी नही मिट सकता। कांग्रेस ने झीरम में अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया है।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ