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बिना दवाई आंखों की रोशनी हो सकती है बेहतर, बस रोज करें ये योगासन, दिखने लगेगा साफ

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सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आंखें नियामत कही जाती हैं क्योंकि इनके बिना जीवन जीना मुश्किल हो जाता है. मोबाइल युग में लोगों की आंखें जल्द कमजोर हो  रही हैं और भारत में करीब 80 फीसदी आबादी को आंखों से जुड़ी परेशानियों की वजह से चश्मा चढ़ जाता है. आंखों की रोशनी के लिए कुछ लोग दवा खाते हैं तो कुछ लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि कुछ खास व्यायाम आंखों का चश्मा उतार सकते हैं. योग गुरु सतीश कुमार सिन्हा ने आंखों से पावर का चश्मा उतारने के लिए त्राटक और सूक्ष्म व्यायाम को काफी कारगर बताया है.
क्या है त्राटक योग  |
दरअसल इन योगासनों की मदद से आंखों की रोशनी बढ़ जाती है और आंखों से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं. इनको रोज लगभग तीन महीने करने से आंखों की रोशनी पर असर दिखना शुरू हो जाता है. सबसे पहले बात करते हैं त्राटक व्यायाम की. इस व्यायाम के तहत व्यक्ति को अंधेरे कमरे में दीपक की रोशनी को एकटक देखना है. सिर को हिलाए डुलाए बिना एकाग्रता से दीपक की रोशनी को लगातार देखने से आंखों की रोशनी तेज हो जाती है. अगर इसे नियमित तौर पर करीब दस मिनट तक किया जाए तो चश्मा तक हट सकता है.
सूक्ष्म प्राणायाम   |
त्राटक योग के साथ साथ आंखों के सूक्ष्म प्राणायाम को भी काफी मददगार कहा गया है. इस योग में अपने हाथ के अंगूठे को देखते रहना है. फिर हाथ को दाईं से बाईं तरफ और बाईं से दाईं तरफ घुमाना है और आंखों को भी अंगूठे पर केंद्रित रखना है. यानी जहां जहां अंगूठा जाएगा, आंखों को वहीं ध्यान केंद्रित करना है. इस व्यायाम को रोज करीब 15 मिनट तक करने पर आंखों की रोशनी तेज होती है और साथ साथ आंखों से जुड़ी कई परेशानियां दूर होती हैं. कहा गया है कि इन दोनों योग को लगातार कुछ माह तक किया जाए तो बिना दवाई और ऑपरेशन के आपकी आंखों से पावर का चश्मा उतर सकता है. इन दोनों व्यायाम को सुबह के समय करना चाहिए. इसके साथ साथ आंखों को आराम देना, मोबाइल कम देखना और आई एक्सपोजर कम करने से भी मदद मिलती है.

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शौर्यपथ