लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /लड़कियों की लाइफ में पीरियड शुरू होना बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है. इस समय उन्हें पीरियड के बारे में अच्छे से बताना जरूरी होता है. आम तौर पर भारत में 13 से लेकर 16 वर्ष की उम्र में लड़कियों को पीरियड शुरू होता है. घर में बड़ी होती लड़की हो तो पेरेंट को उन्हें पीरियड के बारे में पहले से बताना चाहिए. पहली बार पीरियड शुरू होने पर उन्हें अच्छे से सारी जानकारी देना जरूरी है. पीरियड के बारे में जानकारी होने के बावजूद पीरियड शुरू होने पर लड़िकयों में थोड़ी बहुत घबराहट नार्मल है. आइए जानते हैं पहली पीरियड के समय लड़कियों को क्या-क्या बताना है और उन्हें कैसे सपोर्ट करना चाहिए.
आपकी बेटी में पहली माहवारी के लक्षण
उसकी पहली माहवारी आने से पहले, आपकी बेटी के शरीर में कुछ बदलाव महसूस होंगे. कोई भी मां अपनी बेटी में दिखने वाले इन बदलावों को आसानी से समझ सकती है. तो चलिए जातने हैं पहली माहवारी के कुछ छोटे-छोटे लक्षणों के बारे में, जो आपको और आपकी बेटी को इसके लिए तैयार होने का समय दे सकते हैं. पीरियड्स अचानक से नहीं आते. उनके आने से पहले शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, जिन्हें आप पीरियड्स शुरू होने के लक्षण मान सकते हैं. जिनसे आप समझ सकते हैं कि पहली माहवारी निकट है. कुछ संकेत इस तरह के होते हैं-
स्तनों का विकास
प्यूबिक हेयर का बढ़ना
पहली माहवारी से पहले डिस्चार्ज होना
आपकी बेटी की पहली माहवारी: उसे तैयार होने में कैसे मदद करें |
पीरियड है नेचुरल
पहली बार पीरियड्स होने पर लड़कियों में थोड़ी घबराहट होती है. उन्हें बताएं कि यह बिलकुल नेचुरल है इससे घबराने की जरूरत नहीं है. यह उनके ठीक से बड़े होने का संकेत है. ये अब हर महीने का उनका साथी होगा.
पीरियड से रिलेटेड प्रोडक्ट्स
पीरियड आने पर उन्हें बताएं कि इस समय उनके पास कौन-कौन से प्रोडक्ट्स को यूज करने के ऑप्शन है. उन्हें पैड, टैम्पोन जैसी चीजों के बारे में अच्छे से बताएं और अपने लिए सही विकल्प चुनने में मदद करें. साथ ही उन्हें हाइजीन फैक्टर के बारे में जागरूक करें.
परेशानियों के बारे में बताएं
लड़िकयों को पीरियड साथ होने वाली परेशानियों के बारे में अच्छे से बताना चाहिए. वरना ये समस्याएं उन्हें चिंता में डाल सकती हैं. उन्हें बताएं कि पीरियड के समय पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, कमर दर्द, बेचैनी, मूड स्विंग, खाने की क्रेविंग, थकान और ब्रेस्ट में टेंडरनेस जैसी चीजें सामने आ सकती है.
बॉडी में आने वाले चेंज के बारे में बताएं
टीन एज में लड़कियों को उनके बॉडी में आने वाले चेंजेस के बारे में बताना जरूरी है. उसे यह भी बताएं कि पीरियड्स होना एक साइकिल होता है, जो कि 21-45 दिनों की अवधि के बीच होता है. उन्हें पीरियड और प्रेगनेंसी के बीच का संबंध के बारे में जागरूक करें.