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नागर शैली की छाप नजर आएगी राम मंदिर के द्वार पर, इन्हें बनाने के लिए रखा गया है खास ख्याल

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   आस्था /शौर्यपथ /अयोध्या में पिछले 3 साल से भी ज्यादा समय से बन रहे श्री राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होने वाला है. इस दिन मंदिर और श्री राम को एक झलक देखने के लिए देश-विदेश से लाखों भक्तों के आने की संभावना है. कार्यक्रम से पहले ही वहां के सारे होटल और गेस्ट हाउस बुक हो चुके हैं. मंदिर की भव्यता के बारे में समय-समय पर ट्रस्ट की तरफ से अपडेट आते रहे हैं. हाल ही में मंदिर के मुख्य गर्भगृह से जुड़ी जानकारी   सामने आई थी. अब मंदिर में लगने वाले दरवाजों के बारे में जानकारी सामने आई है. आइए आपको बताते हैं कि द्वार बनाने वाली कंपनी के मालिक का क्या कहना है.
इस कंपनी ने तैयार किए है राम मंदिर के सारे कपाट |
अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि पर बनने वाले श्री राम मंदिर में देश के कोने-कोने से लोगों ने अपना योगदान दिया है. भगवान राम का सिंहासन राजस्थान  के कलाकारों ने तैयार किया है. वहीं मंदिर के सारे दरवाजे हैदराबाद में तैयार किए गए है. देश की बड़ी टिम्बर कंपनियों में से एक अनुराधा टिम्बर्स इंटरनेशनल ने इसका काम किया है. जानकारी के अनुसार इनके निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है और अंतिम चरण का काम शुरू होने वाला है. कपाट को अंतिम रूप देने के लिए इसमें सोने की गिल्डिंग की जाएगी और मंदिर में लगाया जाएगा.
हमारे लिए सौभाग्य की बात-सरथ बाबू
     राम मंदिर के दरवाजे बनाने वाली कंपनी के मालिक सरथ बाबू ने इसे अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें राम मंदिर में अपना योगदान देने का मौका मिला. उन्होंने दरवाजों के डिजाइन के बारे में बताते हुए कहा कि, "ये नागर शैली से प्रेरित है. ये शैली उत्तरी भारत के लगभग सभी मंदिरों में देखने को मिलती है." उन्होंने कहा कि, "इन दरवाजों पर की गई नक्काशी हिन्दू संस्कृति और सभ्यता को दर्शाती है. हाथों से बनाए गए ये दरवाजे हमारे क्वालिटी काम को दिखाते हैं." उन्होंने कहा कि इस दरवाजे के लिए यूज की गई लकड़ी एक हजार साल से भी ज्यादा समय तक चलेगी.

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शौर्यपथ