व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /मान्यतानुसार जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास शुरू हो जाते हैं. खरमास एक महीने लगता है और यह वह समय है जिसमें बहुत से धार्मिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इस साल खरमास 16 दिसंबर, शनिवार से शुरू हो रहे हैं और इनका समापन 15 जनवरी, 2024 में होगा. खरमास के दिनों में सूर्य देव और देवगुरू बृहस्पति की विशेष पूजा की जाती है. खरमास के दौरान ऐसे बहुत से काम हैं जिन्हें करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यतानुसार इन कामों को करने पर सूर्य देव और बृहस्पति देव प्रसन्न हो सकते हैं.
खरमास में कुछ काम माने जाते हैं बेहद शुभ
खरमास के दिनों में सूर्य देव की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. इस दौरान प्रतिदिन स्नान पश्चात सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. सूर्य को लाल फूल और लाल चंदन से अर्घ्य देना शुभ होता है. इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति भी मजबूत हो सकती है.
खरमास के दिनों में सूर्य के एकाक्षरी बीज मंत्र का जाप करना शुभ होता है. बीज मंत्र ॐ घृणि: सूर्याय नम: का जाप लाल चंदन की माला से किया जा सकता है.
रविवार के दिन खासतौर से सूर्य देव की पूजा की जाती है. इसीलिए खरमास के दौरान हर रविवार व्रत रखना बेहद शुभ होता है. रविवार के दिन गुड़, गेंहू, लाल या नारंगी कपडे़ का दान भी किया जा सकता है.
सूर्य चालीसा का पाठ किया जा सकता है. इसे बेहद कल्याणकारी माना जाता है.
खरमास में देवगुरू बृहस्पति की पूजा करना भी बेहद शुभ होता है. बृहस्पति देव की पूजा करने पर माना जाता है कि जीवन में उन्नति आती है. पूजा के लिए गुरुवार के दिन व्रत रखा जा सकता है.
खरमास में बृहस्पति चालीसा का पाठ किया जा सकता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा भी की जा सकती है.
बृहस्पति पूजा में ॐ ब्रं बृहस्पति नमः मंत्र का जाप किया जा सकता है.