दुर्ग / शौर्यपथ / आज से करीब साल भर पहले यही जून का महिना था और छावनी क्षेत्र में तेज आंधी तूफ़ान से एक बड़ी दुर्घटना घटने से बच गयी जिसके बाद मामला सामने आया ठेकेदार की कार्य में लापरवाही का .
मामला है आज से एक साल पहले का छावनी क्षेत्र के शासकीय स्कूल का मैदान जहां छावनी क्षेत्र के बच्चो का खेलने का एक मात्र बड़ा स्थान था . इस स्कूल के मैदान में भाजपा शासन के समय तात्कालिक मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय की अनुशंषा पर छावनी स्कूल के मैदान को बच्चो के खेलने के लिए तैयार किया गया था . इस मैदान में फल्ड लाइट की व्यवस्था की गयी थी और मैदान के चारो ओर 6 खम्बे लगाए गए थे जिसमे प्रत्येक खम्बे में 16 लाइट लगाई गयी थी . जिसके जलने से रात में भी दिन का नजारा होता था . यह मैदान वर्तमान में भिलाई निगम के महापौर देवेन्द्र यादव का विधान सभा क्षेत्र भी आता है और वार्ड में कांग्रेस पार्षद तुलसी जनप्रतिनिधि के तौर पर कार्य कर रही है . इस वार्ड में एक मात्र बड़े मैदान में लगी फ्लड लाइट पिछले साल जून के प्रथम सप्ताह में तेज आंधी तूफ़ान से क्षति ग्रस्त हो गयी थी जिसकी खबर शौर्यपथ समाचार ने १० जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी और वार्ड के जों आयुक्त संजय बांगडे व इंजिनियर अखिलेश चंद्राकर से मामले को संज्ञान में लेने का निवेदन किया गया था तब इंजिनियर चंद्राकर द्वारा ये विश्वास दिलाया गया था कि जल्द ही मैदान की लाइट की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी और इन विद्युत् व्यवस्था के लिए निगम द्वारा परमानेंट बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया जाएगा किन्तु आज साल भर बाद भी लाखो खर्च करके क्षेत्र के मासूम बच्चो के सुविधा के लिए बनाया गया मैदान आज बद्दतर स्थिति में है . आलम यह है खम्बो को जो उघड गया था उसे तो लगा दिया गया किन्तु उसमे लगने वाले फ्लड लाइट अब गायब हो गए . यही नहीं करीब के एक और खंबे की सभी फ्लड लाइट को भी निकाल कर ले जाया जा चूका है . स्कूल की केयर टेकर से प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम प्रशासन द्वारा ये लाइट उतरवा कर ले जाया गया है . इस बारे में जब इंजिनियर चंद्राकर से संपर्क किया गया तो उनके अनुसार इस तरह के किसी भी कार्यवाही की जानकारी उन्हें नहीं होना बताया गया .
एक तरफ महापौर देवेन्द्र यादव द्वारा शहर में जगह जगह मैदान बनाने की बात कर रहे है वही दूसरी ओर छावनी क्षेत्र के एकमात्र बड़े मैदान से सुविधाए हटाई जा रही है . क्या महापौर देवेन्द्र यादव नित नए कार्यो का उद्घाटन कर जनता में अपने आप को भिलाई की भली वाले जनप्रतिनिधि बताने की कोशिश में लगे हुए है वही दूसरी तरफ जिस मैदान में सुविधाए है उसे हटवा रहे है या फिर निगम के अधिकारियों द्वारा महापौर को अँधेरे में रखा जा रहा है . क्या जोन आयुक्त संजय बांगडे इन सब कार्यो से अनजान है ? क्योकि वार्ड के इंजिनियर और पार्षद को भी नहीं मालुम की इस मैदान की लाइट कौन ले गया . क्या लाखो के सामन के गायब या अन्यंत्र कही ले जाने पर किसी ऐसे व्यक्ति का हाँथ तो नहीं जो महापौर या निगम प्रशासन की छवि को धूमिल करना चाहता है .
बड़ा सवाल ....
मैदान में निम्नं स्तर का कार्य करने वाले ठेकेदार पर निगम प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी ?
मैदान से फल्ड लाइट कौन ले गया और निगम प्रशासन अभी तक मौन क्यों है ?
वार्ड पार्षद द्वारा आखिर इस मामले को संज्ञान क्यों नहीं लिया गया ?
क्या महापौर देवेन्द्र यादव जो इस क्षेत्र के विधायक होने के साथ ही निगम क्षेत्र के महापौर है इस अनियमितता पर कोई कार्यवाही / निष्पक्ष जाँच का आदेश करेंगे ?
क्या महापौर के समर्थको या निगम के फिल्ड का कोई अधिकारी बिना जानकारी दिए इस मैदान की लाइट को अन्यत्र ले गया ?
क्या निगम के आयुक्त रघुवंशी मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएंगे ?
क्या कांग्रेस राज में भाजपा के शासन में दी गयी सुविधाओ को बर्बाद किया जाएगा ?
मैदान की वर्तमान स्थिति के लिए देखे निचे अपलोड किये गए विडिओ को .....