दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के वार्ड नंबर 9-10 की शासकीय उचित मूल्य की दूकान में फर्जी तरीके से राशन अहरण करने के मामले को खाद्य विभाग दुर्ग द्वारा मामूली सी रकम के जुर्माने से निपटा दिया गया और इस तरह अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला खाद्य अधिकारी ने मामले में 5000 की मामूली रकम का जुर्माना लगा कर माँ शीतला सहायता समूह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान को पाक साफ़ कर दिया . जबकि शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा पूर्व में भी कम समय में फोटो से राशन आहरण मामले की जाँच करने का निवेदन जिला खाद्य अधिकारी और क्षेत्र की अधिकारी श्रीमती नेहा तिवारी से किया गया किन्तु अधिकारियों द्वारा सभी मामले की शिकायत मिलने पर ही जाँच की बात कही जाती रही और एक बार फिर फर्जी फोटो से राशन आहारं के मामले में संचालिका श्रीमती सुनीता मिश्रा को राहत मिल गयी जबकि वार्ड के पार्षदों द्वारा खाद्य अधिकारी से मामले की जांच एवं पूर्व में हुए बल्क में फोटो से राशन आहरण की सूक्ष्म जांच के लिए निवेदन किया गया था किन्तु मामला जुर्माना के साथ खत्म हुआ .
एक मामला अभी थमा नहीं कि दूसरा मामला सामने आ गया जिसमे वार्ड नंबर 11 में संचालित उचित मूल्य की दूकान (उ.मू.दु : 431001013 ) में संचालक द्वारा हितग्राही संतोष यादव को 40 किलो चावल दिया गया किन्तु चावल की बिक्री शासकीय रिकार्ड में 50 किलो दिखाई गयी मजे की बात यह है कि चावल की बिक्री 40+5+5) तीन हिस्सों में दी गयी है और राशन कार्ड में 40 किलो ही अंकित की गयी यही नहीं संतोष यादव की माता के राशन कार्ड में भी राशन के आहरण और देय गलत अंकित की गयी . इस बारे में जब संतोष यादव ने वार्ड पार्षद से संपर्क किया तो राशन दूकान के संचालक का कहना है कि आकर कभी भी बची हुई खाद्य सामग्री ले जाए . कम राशन मिलने की जानकारी संतोष यादव ने कार्यालय में जा कर ली तब जानकारी हुई कि राशन कम मिला . किन्तु हर हितग्राही ऐसा नहीं कर पाता जिससे राशन दूकान के संचालको के हौसले बुलंद हो जाते है और जब कभी एकाध बार चोरी पकड़ी भी जाती है तो मामूली जुर्माना से बरी हो सकते है जैसा कि पूर्व में फर्जी तरीके से वार्ड 9-10 के राशन दूकान की संचालिका का हुआ .
क्या कर रही है क्षेत्र की खाद्य अधिकारी
वार्ड नंबर 9-10-11 में खाद्य विभाग ने श्रीमती नेहा तिवारी को तैनात कर रखा है शौर्यपथ संचार पत्र खाद्य विभाग से निवेदन करता है कि इन दुकानों के पूर्व के खरीदी बिक्री की प्रक्रिया की सूक्ष्मता से जाँच करे और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करे ताकि आम जनता का हक़ ना मारा जाए .