दुर्ग /शौर्यपथ/
फिश फार्मिंग के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी करने वाले फिश फॉर्चून प्रोड्यूसर कंपनी के सीएमडी विजेंद्र कश्यप और सीईओ विनय शर्मा को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही गुड़गांव हरियाणा के रहने वाले हैं। दुर्ग के मोहन नगर थाने में भी किसानों से ठगी के मामले में कंपनी के 10 लोगों के खिलाफ 10 दिसंबर को अपराध दर्ज किया गया था।
इसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए प्रोटेक्शन वारंट में दुर्ग लेकर आएगी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा देश में 1750 तालाब बनाकर फिश फार्मिंग कराने के नाम पर 4 राज्यों के 1 हजार से ज्यादा किसानों से 240 करोड़ की ठगी की है। दोनों के खिलाफ एमपी, राजस्थान, यूपी और छत्तीसगढ़ में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। भोपाल पुलिस ने आरोपियों को गुड़गांव से गिरफ्तार किया है। मामले के अन्य आरोपियों में एजेंट प्रहलाद शर्मा और धर्मेंद्र ठाकुर अब भी फरार हैं।
भोपाल के कोहेफिजा थाना में पदस्थ एएसआई आरपी सिंह ने भास्कर को बताया कि कंपनी ने प्लानिंग के तहत कई राज्यों में ठगी की है। 1750 तालाब बनवाए गए। किसानों को आधा एकड़ खेत पर फार्मिंग करने के लिए साढ़े पांच और 1 एकड़ खेत पर बने तालाब पर 11 लाख रुपए देने के नाम पर ठगी गई। दोनों ठग के 6 बैंक अकाउंट और बैलेंस शीट देखने से पता चला कि 1 हजार किसानों से 240 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। राज्यों में खोले गए दफ्तर बंद करके फरार हो गए। इस मामले में दुर्ग सहित आसपास के किसानों से 2.65 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई। मामले में जांच जारी है।
जिले में कंपनी के शिकार किसान
300 से ज्यादा किसान शिकार हुए
90 से ज्यादा किसान सामने आ चुके
2.65 करोड़ रुपए किसानों से ठगे गए
किसान मोहन नगर थाने पहुंच रहे शिकायत लेकर, पुलिस जांच जारी
कंपनी के खिलाफ 60 किसान शिकायत कर चुके हैं। करीब 3 सौ किसानों के साथ कंपनी ने फिश फार्मिंग का झांसा देकर ठगी की है। आधा एकड़ में फार्मिंग के लिए 67500 व एक एकड़ में फार्मिंग के लिए 1.44 लाख रुपए लिए गए हैं। बालोद निवासी देवेश चंद्राकर व राधेराम कोसले की शिकायत पर कंपनी के सुधीर भंडारी, विजेंद्र कश्यप, विनय शर्मा, भरत मौर्य, मनीष कश्यप, हितेश सैनी, सौरभ कुमार, मनोज त्रिपाठी, सुधीर भंडारी, गुलाब चंद्राकर पर केस दर्ज किया गया।
आरोपियों को तलाश में जुटी पुलिस पकड़े गए दोनों से होगी पूछताछ
इस मामले में आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर थे। कंपनी ने सभी प्रमुख दफ्तरों को भी बंद कर दिया है। इसके बाद से किसान परेशान हो रहे हैं। वहीं पुलिस आरोपियों को खोज रही है। पकड़े गए दोनों आरोपियों विजेंद्र कश्यप और विनय शर्मा को अब पुलिस छत्तीसगढ़े लेकर आएगी। उनसे पूछताछ की जाएगी। मामलें में इन दोनों आरोपियों के अलावा अन्य सभी अब तक फरार हैं, जिनके बारे में लगातार पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
किसानों को फायदा पहुंचाने की बात कहकर लिए गए करोड़ों रुपए
पुलिस ने बताया कि किसानों से उनके खेत लिखा-पढ़ी दिखाकर लिए गए। कहा गया कि उन्हें हर साल आधा एकड़ में साढ़े पांच और एक एकड़ में 11 लाख रुपए तक दिए जाएंगे। इस हिसाब से ही क्रमश: हर किसान से फार्मिंग व सेटअप लगाने के नाम पर 67500 और 1.44 लाख रुपए लिए गए। कुछ तालाबों में किए गए कामों की भी जानकारी दी गई, लेकिन बाद में सारे पैसे लेकर कंपनी के संचालक व अन्य भाग खड़े हुए। मामले में जांच जारी है।