मृणेन्द्र चौबे राजनांदगांव /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, आधारभूत संरचना की मजबूती और निवेश को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
इस बजट को हर वर्ग के लिए उपयोगी बताते हुए जिला भाजपा महामंत्री अनुसूचित जाति मोर्चा दीपेश शेंडे ने कहा कि सरकार ने समाज के सभी तबकों के हितों का ध्यान रखा है। बजट में बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से रानी दुर्गावती योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पात्र लड़कियों को 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। किसानों के लिए भी सरकार ने खजाना खोलते हुए कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बिजली पंपों की सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये, दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण के लिए 600 करोड़ रुपये तथा गन्ना किसानों के बोनस के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं डेयरी समग्र विकास योजना के अंतर्गत 90 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना की शुरुआत की गई है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए 4,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए महिलाओं के नाम पर जमीन, भवन या अचल संपत्ति की खरीद पर रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का ऐलान किया गया है। दीपेश शेंडे ने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, मजदूरों, विद्यार्थियों और गरीब परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा तथा प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।