कवर्धा / शौर्यपथ /
"सर्वे भवन्तु सुखिन: , सर्वे सन्तु निरामया:" इस वाक्य को कबीरधाम स्वास्थ्य टीम द्वारा लगातार चरितार्थ किया जा रहा है। यहां राज्य शासन के स्वप्न को साकार करते हुए अंतिम व्यक्ति तक सरलता से स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने के लिए अनवरत प्रयास जारी है। सकारात्मक प्रयासों के जरिये अब तक अनेक उपलब्धियां कबीरधाम स्वास्थ्य विभाग ने हासिल कर ली है। इसी कड़ी में पंडरिया के सुदूर वनांचल की 19 वर्षीय सुखबति बैगा की कहानी भी जुड़ गई है।
दरअसल पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर वनाचंल कांदावानी ग्राम के गरीब बैगा परिवार की 19 वर्षीय सुखबति बैगा को उसके परिजनों ने जिंदा बचा पाने की उम्मीद खो दी थी, उन्हें लगने लगा था कि अब उनकी बच्ची इसी पीड़ा के साथ ही दुनिया से रुखसत हो जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुजॉय मुखर्जी के संज्ञान में उक्त प्रकरण आते ही उन्होंने पंडरिया के स्वास्थ्य टीम को सुखबति और उसके परिजनों की काउंसलिंग करके जिला अस्पताल लाने का निर्देश दिया।टीम द्वारा मरीज को जिला अस्पताल लाया गया, यहां सुखबति का उपचार आरम्भ किया गया। सिटीस्कैन में पता चला कि सुखबति के पेट में लगभग 25 सेंटीमीटर तकरीबन 6.8 किलोग्राम का कैंसर के रूप का बिनाइन अंडाशय ट्यूमर है। ऐसी स्थिति में सीएमएचओ डॉ मुखर्जी एवं सिविल सर्जन डॉ पी सी प्रभाकर ने तत्काल कवर्धा के निजी अस्पताल के चिकित्सकों से सम्पर्क करके केस के सम्बंध में डिस्कशन किया इसके पश्चात ऑपरेशन की तैयारियां शुरू की गई।
डॉ व्यास नारायण चन्द्रवंशी की तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने 4 घण्टे की मसक्कत के बाद किया सफल ऑपरेशन
कवर्धा के निजी अस्पताल के संचालक सर्जन डॉ व्यास नारायण चन्द्रवंशी ने अपनी टीम के चिकित्सकों से चर्चा करके उक्त प्रकरण का इलाज करने में समर्थता जाहिर की। इसके पश्चात सुखबति को उक्त निजी अस्पताल में रखकर सीएमएचओ और सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में ऑपरेशन के लिए आवश्यक जांच व उपचार की व्यवस्था की गई। डॉ व्यास ने बताया कि 19 वर्षीय सुखबति को जब लाया गया उस वक्त उसका ब्लड प्रेशर काफी लो था। भर्ती करके मरीज को ऑपरेशन के लिए स्टेबलिश किया गया। इसके पश्चात गत 25 अप्रैल को उक्त युवती का ऑपरेशन किया गया। डॉ चन्द्रवंशी के साथ टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ योगिता चन्द्रवंशी व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ भरत भूषण भी शामिल रहे। तीनों चिकित्सकों की संयुक्त टीम की मेहनत रंग लाई और ऑपरेशन सफल रहा। डॉ व्यास चन्द्रवंशी बताते हैं कि ट्यूमर अंतडिय़ों, बच्चे दानी और पेशाब की थैली से पूरी तरह से चिपक गया था, जिसकी वजह से युवती को सांस लेने में काफी दिक्कत थी, उसका पेशाब बन्द हो चुका था और खतरा लगातार बढ़ता जा रहा था। ऑपरेशन के बाद युवती का लगातार फॉलो अप लिया जा रहा है , जिसमें युवती की स्थिति अब नॉर्मल है। चिकित्सकों का कहना है कि युवती का माहवारी सम्बन्धी समस्या भी ठीक हो चुकी है अब उसका शरीर बच्चा कंसीव करने में भी सक्षम है। इसके अलावा किडनी और बच्चा दानी सही अवस्था में है।
यहां यह बताना लाजिमी होगा कि बैगा परिवार रायपुर या अन्य बड़े शहर में जाकर उपचार कराने के लिए बिल्कुल तैयार नही थे, कवर्धा आकर इलाज इलाज के लिए भी स्वास्थ्य टीम की लगातार काउंसलिंग कारगर रही। वही उक्त बीमारी के उपचार में लगभग 2 लाख से भी अधिक का खर्च आता है, जिसे पूर्ण रूप से नि:शुल्क मुहैया करवाया गया।
जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने टीम की सराहना करते हुए इसी तरह टीम वर्क करके सेवाएं जारी रखने की सलाह दी है। उन्होंने ऐसे गम्भीर प्रकरणों का चिन्हांकन करके सेवाएं मुहैया कराने के लिए भी कहा है। सी एम एच ओ डॉ मुखर्जी व सिविल सर्जन डॉ प्रभाकर समेत सर्जन डॉ व्यास नारायण चन्द्रवंशी व टीम को इस तरह के प्रयासों को बढाने के लिए शुभकामनाएं भी उनके द्वारा दी गई।